मान तो मंत्री का ही होता है और जो सत्ता में नहीं रहा, वो उसका अपमान कैसे कर सकता है… कमलनाथ शब्दों की मर्यादा भूल जाएं… एक मंत्री पर लांछन लगाएं और वो मंत्री भी महिला निकल जाए तो पूरी नारी जाति अपमानित न हो जाए, सोचना चाहिए कमलनाथजी को… […]

जुबान बच्ची की कटी, पूरा देश गूंगा हो गया… देशभर की खामोश मौत… ऐसी दरिंदगी… ऐसी हैवानियत… ऐसी वहशियत… कई शैतान एक मासूम युवती के साथ वहशियत करते हैं… नोंच-नोंचकर उसके अंगों को रौंद डालते हैं… वह अपने साथ हुई बर्बरता बयां न कर पाए, इसलिए उसकी जुबां तक काट […]

एक कुबेर की दास्तां… पत्नी के गहने बेचने तक की नौबत… घर-घर की कहानी… क्या करेगा अंबानी…सडक़ से सदी के शहंशाह तक का सफर तय करने वाले धीरूभाई ने इतनी दौलत कमाई… इतनी शौहरत पाई… इतनी ऊंची जगह बनाई… फिर भी संस्कार और परिवार की बुनियाद घर में ठहर नहीं […]

सब शैतान… कंगना शरीफ… तोहमतें थोपने वाली बॉलीवुड की इस क्वीन ने किसी को नहीं बख्शा… जिसने बनाया… शिखर पर पहुंचाया… उसी फिल्मी दुनिया पर भाई-भतीजावाद का इल्जाम लगाया… किसी को नशेड़ी तो किसी को गुंडा-मवाली बताया… मुंबई को पाकिस्तानी कश्मीर तो पुलिस को अपराधी बताया… कंगना के इन्हीं डायलागों […]

इस मौत की भी अजब कहानी है…दुनिया कैसे-कैसे लोगों की दीवानी है…एक बुजदिल, कायर, डरपोक, जिंदगी से भागने वाले…अनैतिक संंबंधों की बदबू से भरे फिल्मी पर्दे के नायक और भारतीय संस्कृति और संस्कार के खलनायक के लिए पूरा जमाना विचलित नजर आ रहा है…दिन-रात देश के चैनल चीख-पुकार मचा रहे […]

– गांधीवादी कांग्रेस या गांधीगादी कांग्रेस वजूद खोते जा रहे गांधी परिवार के सामने अब स्वयं अपने अस्तित्व का संकट खड़ा हो चुका है… सोनिया बूढ़ी हो चली हैं… राहुल का बचपना जा नहीं रहा है और प्रियंका अब गांधी नहीं रहीं… लेकिन कभी गांधीवादी रही कांग्रेस में शुरू हुई […]

नेताओं की भी है मजबूरी… और कोरोना से बचना भी है जरूरी… लाख तोहमतें लगाएं… चाहे जितनी उंगली उठाएं… लापरवाही के इल्जाम लगाएं… लेकिन नेताओं की यह मजबूरी है… चुनाव है तो मिलना-जुलना भी जरूरी है… यह तो मुमकिन ही नहीं है कि जब जनता सामने आए तो नेता दूरी […]

यह तो होना ही था… अपराध का विकास… सभ्यता का विनाश… दहशत का अभिशाप और नेताओं की नाजायज पैदाइश बना उत्तरप्रदेश को कंपकंपाने वाला दरिंदा विकास यदि कानपुर पहुंच जाता… अदालतों के सामने आता तो पता नहीं कितने राजों का पर्दाफाश हो जाता… लिहाजा सडक़ पर इंसाफ जरूरी था… यह […]

एक सवाल, जिसने कई सवाल पैदा कर दिए… किसी ने उसे कांग्रेसी कह डाला तो किसी ने उसके चरित्र को लांछित कर डाला… प्रश्न पूछते ही कोई कपड़े उतार बैठा तो कोई शब्दों की नंगाई पर उतारू हो गया… वो कौन है पता नहीं… पर यह सच है कि जेहन […]

Know and join us

news.agniban.com

month wise news

November 2020
S M T W T F S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930