अब विधायक के रूप में शहर के लिए लड़ूंगी : मालिनी गौड़


5 साल के महापौर कार्यकाल से संतुष्ट 280 करोड़ शासन से मिल जाते तो कई विकास कार्य करते पूरे
इंदौर। महापौर के रूप में मालिनी गौड़ का पांच साल का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है। शहर को स्वच्छता के मामले में सिरमौर बनाने के साथ ही कई विकास कार्य करवाए गए, लेकिन शासन से 280 करोड़ रुपए की राशि न मिलने के कारण गांधी हॉल का जीर्णोद्धार, विश्रामबाग, गंगवाल से सरवटे सड़क सहित कई विकास कार्य समय पर पूरे नहीं कराए जाने का मलाल महापौर को है। शहरहित में प्रशासक को सहयोग करने के अलावा उनका कहना है कि जनता के लिए वे अब सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने में भी पीछे नहीं रहेंगी और विधायक के रूप में भी इंदौर से लेकर भोपाल तक लड़ाई लड़ेंगी।
इंदौर नगर निगम में अभी तक 23 महापौर और 47 प्रशासक रह चुके हैं। मालिनी गौड़ आखिरी ऐसी महापौर हैं, जो जनता द्वारा सीधे चुनी गईं, क्योंकि अब प्रदेश सरकार ने जनता के बजाय पार्षदों द्वारा महापौर चुने जाने का प्रावधान एक्ट में संशोधन कर दिया है। अभी तक इंदौर में जितने भी महापौर रहे उनमें भाजपा के ही कैलाश विजयवर्गीय का नाम अव्वल रहा, जिन्होंने पहली बार निगम के माध्यम से शहर में विकास कार्यों की गंगा बहाने की शुरुआत की। उसके बाद भी हालांकि भाजपा के ही महापौर बनते रहे, मगर स्वच्छता सहित कई क्षेत्रों में इंदौर को नंबर 1 बनाने का श्रेय मालिनी गौड़ के खाते में ही आया। उन्होंने राजनीतिक दृढ़ता का भी कई मर्तबा परिचय दिया और अपनी ही पार्टी के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की शहरहित में नहीं सुनी। उन्हें विरोध का सामना भी करना पड़ा। शहर में कई सड़कों के चौड़ीकरण के चलते सैकड़ों मकान, दुकान और अन्य निर्माण तोड़े गए, लेकिन महापौर मालिनी गौड़ ने इस मामले में भी कोई समझौता नहीं किया। लगातार 3 बार इंदौर स्वच्छता में नं. 1 रहा और अब चौथी बार भी नं. 1 की दौड़ में सबसे आगे ही है, लिहाजा पहले मनीषसिंह और फिर आशीषसिंह को बतौर आयुक्त के रूप में फ्री हैंड दिया, जिसके परिणाम भी इंदौर को मिले और आज देश‑दुनिया में उसकी स्वच्छता का डंका बज रहा है। आज मालिनी गौड़ के महापौर कार्यकाल का अंतिम दिन है। अग्निबाण से चर्चा में उन्होंने कहा कि वे अपने पांच साल के कार्यकाल से संतुष्ट हैं और इंदौर की जनता ने भी उन्हें भरपूर सहयोग दिया। कई लोग कार्यकाल समाप्त होने पर दु:खी भी हैं। गंगवाल से सरवटे बस स्टैंड की सड़क को पूरा कर उसका लोकार्पण भी उनके कार्यकाल में हो जाना था।

Shar­ing is car­ing!

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